Tuesday, February 10, 2009

रात और दिन ....


रात काली
दिन गोरा
निशा कटोरा
दिवस चटोरा
रजनी लजीली
दिवस छिछोरा
चाँद कि लाडली को
सताए
सूरज का छोरा.

रात्रि कि प्याली
दिव करे खाली
निशा दुलराये
दिन देवे गाली
रात है असली
दिन है जाली
दिवस बगीचा
रजनी माली.

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